
राष्ट्रभाषा हिन्दी
By राहुल सांकृत्यायन
क्या आप जानते हैं कि आधुनिक हिन्दी साहित्य के 'महापंडित' और घुमक्कड़ी के लिए प्रसिद्ध राहुल सांकृत्यायन के 'राष्ट्रभाषा हिन्दी' पर क्या विचार थे? राहुल सांकृत्यायन (Rahul Sankrityayan), जो हिन्दी यात्रा साहित्य के पितामह कहे जाते हैं, इस महत्वपूर्ण पुस्तक में हिन्दी भाषा की संरचना, विकास, साहित्य और इतिहास के अनेक पहलुओं पर अपने स्पष्ट विचार प्रस्तुत करते हैं। 'राष्ट्रभाषा हिन्दी' (Rashtrabhasha Hindi) सिर्फ एक भाषा का अध्ययन नहीं है, बल्कि यह एक बहुभाषाविद्, इतिहासविद्, और अग्रणी विचारक के दृष्टिकोण से हिन्दी के महत्व और उसकी राष्ट्रीय पहचान पर एक युगान्तरकारी चिंतन है। यह संकलन हिन्दी प्रेमियों, शोधकर्ताओं, और भारतीय संस्कृति व भाषा की जड़ें समझने में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए अनिवार्य है। महान यायावर राहुल सांकृत्यायन द्वारा रचित इस कृति को पढ़कर हिन्दी साहित्य के विपुल भण्डार को समझें।
₹350
Read this book in…
AI translation is optional and never overwrites the original text.
Coming Soon
You Might Also Like
We're still hunting for the perfect recs for this book.