
रामचरित-ग्रंथावली: महाकवि पं. रामचरित उपाध्याय कृत समस्त ग्रंथ (भाग-1)
By रामचरित उपाध्याय, डॉ. कन्हैया सिंह (Ed.) and डॉ. विनम्र सेन सिंह (Ed.)
महाकवि पं. रामचरित उपाध्याय (1872 से 1938) हिन्दी के महान राष्ट्रवादी कवि थे, जिन्होंने 66 वर्षों तक हिन्दी साहित्य के माध्यम से राष्ट्र की अर्चना की। 'रामचरित-ग्रंथावली' में उनकी समस्त रचनाओं को ग्रंथावली रूप में संकलित किया गया है। प्रधान संपादक डॉ. कन्हैया सिंह और संपादक डॉ. विनम्र सेन सिंह द्वारा संपादित इस प्रथम भाग में संपादकीय निवेदन, कवि-परिचय, कवि की काव्य-दृष्टि और वंश-वृक्ष के साथ 'रामचरित-चिन्तामणि', 'रामचरित-चन्द्रिका', 'देव-सभा', 'देव-दूत', 'स्वर्ग में नरक' और 'मुक्ति-मन्दिर' जैसी कृतियाँ सम्मिलित हैं। हिन्दी साहित्य सम्मेलन, काशी नागरी प्रचारिणी सभा तथा विभिन्न पुस्तकालयों से जुटाई गई सामग्री पर आधारित यह ग्रंथावली उपेक्षित राष्ट्रीय कवि की रचनाओं को पाठकों और शोधार्थियों तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
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