नचिकेता (खण्डकाव्य)

नचिकेता (खण्डकाव्य)

By प्रतापनारायण मिश्र

नचिकेता वरिष्ठ कवि प्रतापनारायण मिश्र द्वारा रचित खण्डकाव्य है, जो कठोपनिषद् में वर्णित नचिकेता और यम के प्रसिद्ध संवाद पर आधारित है। कथा के अनुसार वाजश्रवा पुत्र उद्दालक ऋषि ने विश्वजित् यज्ञ में सर्वस्व दान करते हुए अनुपयोगी गौएँ दक्षिणा में दीं। यह देखकर बालक नचिकेता ने पिता से पूछा कि वे उसे किसे देंगे, और क्रोधित पिता ने उसे मृत्यु को दे दिया। नचिकेता यमसदन पहुँचकर तीन दिन तक बिना अन्न-जल के यमराज की प्रतीक्षा करते रहे। प्रसन्न होकर यम ने उन्हें तीन वर माँगने को कहा, जिनमें पिता की प्रसन्नता, स्वर्ग की साधनभूत अग्निविद्या और आत्मतत्त्व का ज्ञान सम्मिलित है। पुस्तक की पूर्वपीठिका में इस उपनिषद् कथा का विस्तृत परिचय दिया गया है, और काव्य के माध्यम से श्रद्धा, सत्यपरायणता तथा परमात्मा के रहस्य तत्त्व को सरल भाव में प्रस्तुत किया गया है।

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