
लोक प्रशासन: सिद्धांत तथा व्यवहार
यह पुस्तक लोक प्रशासन के सिद्धांत और व्यवहार का व्यवस्थित अध्ययन प्रस्तुत करती है। इसमें लोक प्रशासन का परिचय, परिभाषाएँ और क्षेत्र, इसके विभिन्न उपागम, लोकतंत्र और भारत में लोक प्रशासन की भूमिका तथा महत्त्व, लोक प्रशासन की समस्याएँ और नवीन चुनौतियाँ, लोक प्रशासन कला है या विज्ञान, आधुनिक राज्य में लोक प्रशासन, तुलनात्मक प्रशासन, सत्ता और शक्ति की अवधारणा, प्रत्यायोजन, विकेन्द्रीकरण, नौकरशाही तथा समन्वयन और निर्णयन जैसे विषयों का विवेचन किया गया है। प्राक्कथन में विकासशील देशों की आर्थिक, राजनीतिक और प्रशासनिक समस्याओं के संदर्भ में लोक प्रशासन की भूमिका को रेखांकित किया गया है। राजनीतिशास्त्र और लोक प्रशासन के स्नातक तथा स्नातकोत्तर विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के लिए यह एक उपयोगी पुस्तक है।
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