
झरना तथा अन्य कहानियाँ
झरना तथा अन्य कहानियाँ छायावाद युग के प्रमुख स्तंभ जयशंकर प्रसाद की रचनाओं का संग्रह है। पुस्तक के आरंभ में ‘झरना’ शीर्षक के अंतर्गत प्रसाद की कविताएँ दी गई हैं, जिनमें ‘परिचय’, ‘झरना’, ‘अव्यवस्थित’ और ‘पावस’ जैसी रचनाएँ प्रकृति, प्रेम और मन की भावदशाओं को मधुर काव्यात्मक भाषा में व्यक्त करती हैं। इसके बाद ‘चूड़ीवाली’, ‘छोटा जादूगर’, ‘जहाँआरा’, ‘ज्योतिष्मती’, ‘तानसेन’, ‘दासी’, ‘दुखिया’ और ‘देवदासी’ जैसी कहानियाँ संकलित हैं। प्रसाद की भाषा गंभीर, भावसमृद्ध और काव्यमय है, जिसमें भारतीय संस्कृति, दर्शन और मानवीय चिंतन की गहरी छाप मिलती है। हिन्दी साहित्य के प्रेमियों और विद्यार्थियों के लिए यह एक संग्रहणीय पुस्तक है।
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