
भारत के महान विचारक: वीर सावरकर (भाग-2)
वीर सावरकर भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, क्रांतिकारी विचारक, साहित्यकार और समाज सुधारक थे। उनका पूरा नाम विनायक दामोदर सावरकर था और उनका जन्म 28 मई 1883 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के भगूर गाँव में हुआ था। बचपन से ही उनमें राष्ट्रभक्ति और स्वतंत्रता के प्रति गहरा उत्साह था। उन्होंने युवाओं को संगठित कर ब्रिटिश शासन के विरुद्ध क्रांतिकारी आंदोलन को नई दिशा दी। वीर सावरकर को अंग्रेज़ सरकार ने क्रांतिकारी गतिविधियों के कारण गिरफ्तार कर अंडमान की सेल्युलर जेल में कठोर कारावास दिया, जहाँ उन्होंने अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना किया। वे एक प्रतिभाशाली लेखक और चिंतक भी थे, जिन्होंने इतिहास, समाज और राष्ट्रवाद पर अनेक महत्वपूर्ण ग्रंथ लिखे। समाज सुधार के क्षेत्र में उन्होंने छुआछूत और सामाजिक भेदभाव का विरोध किया तथा राष्ट्रीय एकता पर बल दिया। 26 फ़रवरी 1966 को उनका निधन हो गया, किंतु उनका साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम आज भी प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत है।
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